अजीब बात है न? जिस इंसान की आवाज़ सुने बिना कभी नींद नहीं आती थी, आज उसी इंसान का कॉल आने पर हम फोन साइड में रख देते हैं। जो शख्स हमारी पूरी दुनिया था, आज वो एक अनचाहा ‘नोटिफिकेशन’ बन कर रह गया है।
क्या कभी सोचा है कि दो लोग जो एक-दूसरे के लिए जान देने को तैयार थे, वो एक-दूसरे की शक्ल देखना भी क्यों छोड़ देते हैं? आज की ये वीडियो किसी को खुश करने के लिए नहीं है, ये उन लोगों के लिए है जो एक ‘मरे हुए रिश्ते’ को कंधे पर ढो रहे हैं।”
The Silent Killer “रिश्ता तब नहीं टूटता जब लड़ाई होती है। रिश्ता तब टूटता है जब आप अपनी खुशियों की चाबी दूसरे के हाथ में दे देते हैं। हम अक्सर एक इंसान से वो सब पाने की उम्मीद करते हैं जो उसे खुद कभी नहीं मिला। हम उसे प्यार नहीं करते, हम उस ‘इमेज’ से प्यार करते हैं जो हमने अपने दिमाग में बना रखी है। और जब वो इंसान उस इमेज जैसा नहीं निकलता, तो हमें लगता है उसने हमें धोखा दिया है। पर सच तो ये है कि धोखा हमने खुद को दिया था।”
The Ego Trap) “ईगो (Ego) को पालना बहुत आसान है, लेकिन रिश्ते को पालना बहुत मुश्किल। आजकल के रिश्तों में ‘सॉरी’ एक शब्द नहीं, बल्कि एक हार बन गई है। हमें लगता है कि अगर हमने माफ़ी मांग ली, तो हम छोटे हो जाएंगे।
लेकिन याद रखिये, जब दो लोग लड़ते हैं और कोई नहीं झुकता, तो जीतता कोई नहीं है, बस वो ‘रिश्ता’ हार जाता है। आप सही हो सकते हैं, पर क्या आपका सही होना उस इंसान से ज़्यादा कीमती है?”
The Availability Paradox”आजकल प्यार सस्ता हो गया है क्योंकि ‘Options’ बहुत हैं। एक झगड़ा हुआ नहीं कि हम दूसरे को स्वाइप करने लगते हैं। हमें लगता है कोई और बेहतर मिल जाएगा। लेकिन सुनिए… बेहतर तो मिल जाएगा, पर वो ‘पुराना साथ’ नहीं मिलेगा। हम पुराने कपड़े सिलना नहीं जानते, बस नए खरीदना जानते हैं। यही वजह है कि आज बिस्तर पर दो लोग तो हैं, पर उनके बीच मीलों की खामोशी है।”
कड़वा सच (The Viral Ending)
“अंत में बस इतना कहूंगी… अगर किसी के साथ रहना ‘बोझ’ लगने लगे, तो उसे आज़ाद कर दीजिये। और अगर साथ रहना चाहते हो, तो उसकी कमियों को भी वैसे ही गले लगाओ जैसे उसकी खूबियों को लगाया था।
रिश्ते ‘डिस्पोजेबल कप’ नहीं होते कि इस्तेमाल किया और फेंक दिया। ये वो आईना हैं जिसमें आप खुद को देखते हो। अगर आज आपके पास वो एक इंसान है जो आपकी खामोशी पढ़ सकता है, तो खुशनसीब हैं आप। उसे खोना मत, क्योंकि खोई हुई चीज़ मिल सकती है, लेकिन खोया हुआ ‘भरोसा’ कभी लौटकर नहीं आता।”
रिश्ता कोई पुरानी गाड़ी नहीं है जिसे खराब होने पर आप बदल दें, यह एक पौधा है जिसे रोज़ पानी देना पड़ता है। अगर आज आपका किसी से मनमुटाव है, तो इस वीडियो के खत्म होने के बाद उन्हें एक मैसेज कीजिये या कॉल कीजिये। माफ़ी मत मांगिये, बस कहिये— ‘तुम मेरे लिए मायने रखते हो’। क्योंकि दोस्त, श्मशान में रोने से बेहतर है, ज़िंदा रहते गले लगा लिया जाए।”
“ईगो (Ego) या अहंकार—यह एक ऐसा दीमक है जो सालों पुराने मज़बूत रिश्तों को चाट जाता है। अक्सर हम ‘सही’ साबित होने की जंग में ‘रिश्ता’ हार जाते हैं। जीत कर भी क्या करोगे अगर सामने वाला हार गया? याद रखिये, माफ़ी मांगने से कोई छोटा नहीं होता, बस उसका दिल बड़ा हो जाता है।”

Leave a Reply