The power of imagination यानि हमारी सोच का मैजिक
यही कहलाता है कल्पना शक्ति का जादू
हमारे अन्दर बहुत सारी कल्पना शक्ति होती है। कल्पना एक ऐसी शक्ति है जिसका प्रयोग करके हम जीवन में कुछ भी पा सकते है। जिस इंसान की कल्पना शक्ति बहुत तेज होती है तो वह किसी भी हद के परे जा सकता है क्योंकि कल्पना की कोई हद नहीं होती। अगर किसी चीज को पाने के लिए हमारे मन में कोई भी युक्ति नहीं भी आ रही हो तो हम कल्पना शक्ति का प्रयोग कर सकते हैं अपनी कल्पना में हम देख सकते है कि वह चीज हमें मिल रही है। ओर वह चीज हमें कैसे मिली। इसे हमें उस चीज को पाने का तरीका भी मिल जाता है और वह चीज भी मिल जाती है
कल्पना शक्ति से ही ब्रह्मांड की सारी चीजों का जन्म हुआ है। कोई भी चीज आकार लेने से पहले हमारी कोरी कल्पना ही होती है। इसीलिए ये कहा जाता है कि अगर कोई चीज हमें चाहिए तो पहले ये कल्पना करें कि वह चीज किस तरह की है या किस तरह हमें मिल सकती हैं उस चीज के बारे में सब कुछ पता लगाये। फिर उसे अपने मन में रखकर पूरे विश्वास के साथ काम में जुट जाए। वह चीज कुछ ही वक्त में आपकी कल्पना से सच का आकार लेने लग जायेगी
कल्पना मन की सबसे बडी शक्ति भी है और सबसे बड़ा विनाशकारी औजार भी ।कल्पना से महाकाव्य भी बने हैं इसी कल्पना ने महान विभूतियां भी बनाई हैं और इसी कल्पना से टीवी मोबाईल उपग्रह बने और इसी कल्पना ने घातक अस्त्र शस्त्र भी। कल्पना से हम भयानक रोगों से मुक्ती पा सकते हैं और स्वस्थ्य शरीर को बीमारियों का घर भी बना सकते हैं ।सबकी कल्पना काम करती है छोटा हो या बड़ा , अच्छा हो या बुरा , कल्पना ने हर असंभव को संभव बनाया है। विचारों को बार बार दोहराकर कल्पना को प्रगाढ बनाकर कुछ भी किया जा सकता है। यदि बीमार हो तो महसूस करो कि मैं स्वस्थ्य हूं , दोहराते रहो स्वास्थ्य को अपना मंत्र बना लो , और यदि कल्पना में स्वस्थ्य हो गए तो हकीकत में भी स्वस्थ हो जाओगे।
क्या आप जानते है के इस दुनिया में जो भी चीजें घटित होती है वह दो बार घटित होती है। वह चीजें एक बार हमारे मन में घटित होती है और एक बार हमारे जीवन में घटित होती है। क्या आप को पता है के इस दुनिया में कल्पनाएं भी सच हो जाती है और जो मांगो वही मिलता है। इस लिए हमें इस बात के प्रति जागरूक रहना चाहिए के हम सकारात्मक सोचे और बोले। क्योंकि हर एक कल्पना चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक, जानबूझकर की गई हो या अनजाने में, हमारी अवचेतन मन और इस ब्रह्मांड को यह संकेत देती है कि अब इस तरफ बढ़ना है।
कल्पना शक्ति की एक खास बात ये है कि हम जितना ज्यादा अपने इच्छित लक्ष्य को साफ़ देखने की कोशिश करते है, हम उतनी ही तेजी से अपने लक्ष्य की तरह बढ़ते है। अगर इसी तरह से हम अपने लक्ष्य की हर रोज़ कल्पना करते रहे तो इस में वह चीजें भी शामिल होने लगती है, जिसके बारे में हम बाहरी रूप से नहीं सोचते है पर वह इच्छा हमारे मन में कहीं दबी होती है। कल्पना करने से वह चीजें एक-एक करके सामने आने लगती है।
कल्पना कैसे करे
जब हम अपने शरीर को पूरी तरह से शांत कर लेते है तो हमारा जो सचेत मन होता है, यानी के हमारा जो तर्कसंगत मन होता है वह शांत हो जाता है। हमारे मन के आरामदायक स्थिति में होने के कारण हमें कोई डर या चिन्ता उस समय नहीं होती। हम यह नहीं सोच रहे होते कि यह तो असंभव है या यह कैसे हो सकता है। क्योंकि हमारी कल्पना हर एक सीमित सोच से परे होती हैं यही वह समय होता है जिस समय हम अपनी कल्पनाओं को एक आकार दे सकते हैं आंखें बंद करके अपनी उन इच्छाओं के बारे में सोच सकते हैं जिन्हें हम पूरा करना चाहते हैं
अब आप यह भी सोच रहे होंगे कि कल्पना करते समय यह बात कैसे हमारे मन में आती है कि ये करने से ये काम हो जाएगा। जब कि यह विचार पहले तो हमारे मन में नहीं आया होता। तो यह समझ लीजिए कि जो विचार आपको कल्पना करने से मिलता है वह विचार आपका नहीं होता। यह विचार आपके सचेत मन से नहीं आता यह तो ब्रह्मांड के परम चेतन मन से आता है। जिसे अनंत मन, अनंत बुद्धि, अनंत स्रोत आदि नामों से भी जाना जाता है। कल्पना करते समय जो भी विचार या छवि हम देखते है वह इस ब्रह्मांडीय मन से ही आता है। आपको इसे अनुसरण करना चाहिए क्योंकि यह कभी असफल नहीं होता।
हमें सिर्फ हमारे कल्पना शक्ति के दायरे को बढ़ाना है इसके बाद तो आप किसी भी नकारात्मक सोच से, रवैये से आसानी से बाहर निकल सकते है। Imagination हमारे अवचेतन मन पर भी काफी प्रभाव डालती है।
कल्पना करना कोई मुश्किल काम नहीं होता। आप चाहे तो अपनी आंखें बंद करके आप जो भी चीज चाहते है उसे अपने मन में देखने की कोशिश करें। अगर हम अपने जीवन में सचमुच कुछ करना चाहते है तो हम अपनी कल्पना शक्ति को इस्तेमाल कर सकते है।

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