क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप पूरी ताकत लगाकर आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन ऐसा लगता है जैसे कोई अदृश्य शक्ति आपको पीछे खींच रही है?
आप नई आदत बनाना चाहते हैं, लेकिन बना नहीं पाते। आप अमीर बनना चाहते हैं, लेकिन रिस्क लेने से डरते हैं।
असल में, यह कोई बाहरी रुकावट नहीं है। यह आपके अवचेतन मन (Subconscious Mind) का लगाया हुआ ‘हैंडब्रेक’ है। आइए समझते हैं कि यह क्यों होता है और इसे कैसे ठीक किया जाए।
हमारे पास दो दिमाग होते हैं:
चेतन मन (Conscious Mind): यह सोचता है, योजना बनाता है और कहता है- “मुझे वजन कम करना है” या “मुझे बिज़नेस करना है।”
अवचेतन मन (Subconscious Mind): यह हमारी 95% आदतों और भावनाओं को कंट्रोल करता है।
समस्या तब आती है आप कुछ और चाहते है, लेकिन आपका (अवचेतन मन) पुराने नियमों पर चल रहा होता है।
अवचेतन मन आपको रोकता क्यों है?
आपका अवचेतन मन आपका दुश्मन नहीं है। उसका सबसे बड़ा काम है— आपकी सुरक्षा (Safety)।
अवचेतन मन को ‘बदलाव’ (Change) पसंद नहीं है। उसके लिए:
जाना-पहचाना रास्ता = सुरक्षित नया काम/बड़ा लक्ष्य = खतरा
जब आप सोचते हैं कि “मैं कल से सुबह 4 बजे उठूंगा,” तो आपका चेतन मन खुश होता है। लेकिन अवचेतन मन घबरा जाता है। वह सोचता है, “अरे! यह तो हमारी आदत नहीं है, इसमें तकलीफ होगी।” इसलिए वह आलस या डर पैदा करके आपको रोक देता है। इसी को हम ‘मेंटल ब्लॉक’ कहते हैं।
आइए जानते है आप अपने अवचेतन मन को दोबारा प्रोग्राम कैसे करें? इसके 3 महत्वपूर्ण आसान स्टेप्स है।
याद रखें कि आप अपने अवचेतन मन से लड़कर नहीं जीत सकते, आपको उसे प्यार से समझाना होगा।
स्टेप 1: अवचेतन की भाषा बोलें (तस्वीरें और भावनाएं)
अवचेतन मन शब्दों को नहीं समझता, वह तस्वीरों (Pictures) और भावनाओं (Feelings) को समझता है।
सिर्फ यह मत बोलिए कि “मैं कॉन्फिडेंट हूँ।”
बल्कि आंखें बंद करके महसूस करें कि आप स्टेज पर खड़े हैं, लोग ताली बजा रहे हैं और आपको खुशी महसूस हो रही है। जब आप इमोशन जोड़ते हैं, तो अवचेतन मन इसे सच मान लेता है और ‘हैंडब्रेक’ हटा देता है।
स्टेप 2: उसे छोटे-छोटे ‘धोखे’ दें (Small Steps)
चूंकि अवचेतन मन को बड़े बदलावों से डर लगता है, इसलिए उसे पता ही मत चलने दें कि आप बदल रहे हैं।
अगर आप उसे कहेंगे “आज 10 किलोमीटर दौड़ना है”, तो वह आपको रोक देगा।
लेकिन अगर आप कहेंगे “बस जूते पहनकर गेट तक जाना है”, तो वह कहेगा “हाँ, इतना तो सुरक्षित है।”
धीरे-धीरे कदम बढ़ाएं ताकि अवचेतन मन का अलार्म न बजे।
स्टेप 3: पुराने टेप को नए से बदलें (Repetition)
बचपन से हमारे अवचेतन मन में एक टेप चल रहा है— “पैसे पेड़ पर नहीं उगते” या “मैं मैथ्स में कमजोर हूँ।”
इस टेप को बदलने का एक ही तरीका है— बार-बार दोहराना (Repetition)। सोने से ठीक पहले जब चेतन मन सो रहा होता है और अवचेतन जाग रहा होता है खुद को नई कहानी सुनाएं
मैं हर दिन बेहतर हो रहा हूँ,” “मेरे लिए पैसा कमाना आसान है।”
या फिर जो भी आपके मन में चल रहा है वह
लगातार 21 दिन ऐसा करने से पुराना टेप मिटने लगता है।
याद रखिए, आपका अवचेतन मन एक बहुत शक्तिशाली घोड़े जैसा है और आप उसके घुड़सवार हैं। अगर घोड़ा (मन) और घुड़सवार (आप) अलग-अलग दिशा में जाएंगे, तो आप गिर जाएंगे।
लेकिन अगर आप अपने अवचेतन मन को अपना दोस्त बना लें, छोटे कदमों और सही विचारों से उसे ट्रेनिंग दें, तो यह शक्ति आपको वहां ले जाएगी जहाँ आप जाना चाहते हैं— बिना किसी हैंडब्रेक के!
“95% मेहनत के बाद भी फेल क्यों? अवचेतन मन का वो ‘सीक्रेट कोड’ जो आपको जानना चाहिए”
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