Mystery and Power of Supernatural World

वैदिक ज्योतिष ,टैरो रीडिंग ,वास्तु ,मनोविज्ञान ,परामनोविज्ञान और आध्यात्मिक उर्जा द्वारा मानव मात्र का बहुविध कल्याण

क्या आप भी राहु और केतु के बीच फंसे हैं? कालसर्प दोष को समझें।

क्या कभी ऐसा महसूस हुआ है कि जीवन रूक गया है कुछ अच्छा नहीं हो रहा है सब कुछ ठीक है फिर भी कुछ ठीक नहीं है
बुरे सपने अनजानी बाधा महत्वपूर्ण से महत्वपूर्ण काम बनते बनते नहीं बनता इसका कारण कालसर्प दोष भी हो सकता है एक ऐसा ज्योतिषीय योग जो जीवन के हर क्षेत्र में समस्याएं उत्पन्न करता है
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कालसर्प दोष (जिसे कालसर्प योग भी कहा जाता है) एक ऐसी खगोलीय स्थिति है जो तब बनती है जब कुंडली के सभी सात मुख्य ग्रह (सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि) राहु और केतु के अक्ष के बीच आ जाते हैं।
कालसर्प दोष के 12 प्रकार होते हैं जो कि राहु और केतु की कुंडली के अलग-अलग भावों (Houses) में स्थिति के अनुसार होते है।
अनंत: राहु प्रथम और केतु सप्तम भाव में।
कुलिक: राहु दूसरे और केतु आठवें भाव में (धन और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं)।
वासुकि: राहु तीसरे और केतु नौवें भाव में (भाई-बहनों और भाग्य में बाधा)।
शंखपाल: राहु चौथे और केतु दसवें भाव में।
पद्म: राहु पांचवें और केतु ग्यारहवें भाव में (संतान और शिक्षा में बाधा)।
महापद्म: राहु छठे और केतु बारहवें भाव में।
अन्य प्रकार: तक्षक, कर्कोटक (करियर में रुकावट), शंखचूड़, घातक, विषधर और शेषनाग।
जीवन पर प्रभाव और लक्षण
इस दोष का प्रभाव व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर 27 से 47 वर्ष की आयु तक, या कभी-कभी जीवनभर रह सकता है। इसके मुख्य लक्षण हैं:
कार्यों में बार-बार बाधाएं और अप्रत्याशित असफलता।
मानसिक तनाव, अशांति और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां।
आर्थिक अस्थिरता और पारिवारिक मतभेद।
सपने में सांपों का दिखना या ऊंचाई से गिरने का डर।
कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए ज्योतिष विज्ञान में बहुत सारे उपाय बताते हैं इन उपायों को नियमित रूप से अपने जीवन में करने पर व्यक्ति के जीवन में निश्चित रूप से सुधार आता है और बहुत सारी परेशानियां कम होने लगते हैं
कालसर्प दोष निवारण के लिए सावन के महीने में महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना और भगवान शिव की प्रतिमा पर नियमित रूप से दूध मिला जल पतली धारा में अर्पित करना लाभकारी माना गया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts