आज के व्यस्त जीवन में जितना लोग भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भाग रहे हैं उतना ही लोग खुद को कहीं ना कहीं बीमार करते जा रहे हैं
जब भी बात संपूर्ण स्वास्थ्य की होती है तब शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक सेहत को लेकर भी ध्यान देते रहना आवश्यक हो जाता है। अध्ययनों से प्रमाणित होता है शरीर और मन एक दूसरे के पूरक होते हैं, इनमें से एक में भी होने वाली समस्या का असर दूसरे की सेहत को प्रभावित कर सकता है। पिछले कुछ वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं। विशेषकर युवाओं में तनाव-अवसाद की समस्या तेजी से बढ़ती हुई रिपोर्ट की जा रही है।
चिंता, उदासीनता, असंतोष, खालीपन, अपराध बोध, निराशा, जो उसके मानसिक स्तर को प्रभावित करता है ऐसी स्थिति में व्यक्ति बहुत ही तनाव ग्रस्त और परितक्त्या अनुभव करता है। उसके मन में अपने प्रति संशय उन्पन्न होने लगता है जिसके कारण उसकी कार्य क्षमता प्रभावित होती है उसे यह अवस्था और अधिक अवसाद में ले जाती है, इस अवस्था में व्यक्ति में अपना भला बुरा सोचने की क्षमता समाप्त हो जाती है
ये समस्याएं पुरानी या बार-बार होने वाली हो सकती हैं, और किसी व्यक्ति की अपनी रोजमर्रा की जिम्मेदारियों को निभाने की क्षमता में काफी कमी ला सकती hai
बढ़ी हुई थकान है
Deep briding एक्सरसाइज करें –
जब आपको महसूस हो कि मन अशांत हो गया है या दिमाग तनाव से ग्रस्त है तो आपको गहरी सांस लेने की कोशिश करनी चाहिए। यह व्यायाम आपके मन को आराम पहुंचाने में बेहद फायदेमंद है। अच्छा होगा अगर आप इस व्यायाम को रोजाना दोहराएं। मन को शांत करने के लिए यह तरीका काफी कारगर साबित होता है
- मन को शांत के लिए मैडिटेशन करें –
मन को शांत करने के लिए मैडिटेशन करें। मैडिटेशन आपके दिमाग और मन को शांत करने के लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें बस आपको आराम से बैठकर किसी वस्तु, जगह, रंग, शब्द आदि पर ध्यान केंद्रित करना है। मैडिटेशन करने के लिए एकदम शांत जगह ढूंढे और कम से कम दस मिनट तक मैडिटेशन करें। मैडिटेशन करते समय इस बात को सुनिश्चित कर लें कि आपको सिर्फ और सिर्फ सकरात्मक सोच रखनी है। मैडिटेशन की मदद से दिमाग में लगातार आने वाली नकरात्मक सोच से छुटकारा मिलता है और आप बेहतर महसूस करते हैं। - रोजाना व्यायाम करें –
व्यायाम तनाव को कम करने का बेहद अच्छा तरीका है। व्यायाम करने से एंडोर्फिन (endorphins) नामक हॉर्मोन जारी होता है, जो कि “खुश” रखने वाला हॉर्मोन है। आप बाहर या जिम में व्यायाम करने की बजाए घर में भी आधा घंटा व्यायाम कर सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि जो भी व्यायाम आप कर रहे हो उसमें मजा आना चाहिए। व्यायाम जैसे वेट लिफ्टिंग, कोई भी खेल, स्विमिंग आदि। रोजाना अलग-अलग प्रकार के व्यायाम करने की कोशिश करें। एक ही व्यायाम करने से आप ऊब सकते हैं।
नींद से समझौता बहुत भारी पड़ सकता है
इंसान के लिए आठ घंटे की नींद बहुत जरूरी होती है. अच्छी नींद के लिए सोने से एक घंटे पहले अपने फोन को दूर रख दें. आप इस समय में बस शांत बैठ सकते हैं, रिलैक्स हो सकते हैं. चाय पसंद हो तो कैमोमाइल टी पी सकते हैं. इसके अंदर ऐसी प्रॉपर्टी होती है जो अच्छी नींद लाने में मददगार होती है. बेहतर होगा कि आप सोने का एक टाइमटेबल तैयार कर लें. उसी के हिसाब से उठें और उसी के हिसाब से सो जाएं. ऐसा होने से शरीर भी उस रूटीन का आदी हो जाता है.
Selflove बहूत जरूरी है खुद को शांत करने का सबसे अच्छा तरीका हैं. अगर आप खुद को लेकर नरमी से पेश नहीं आएंगे तो आपका मन कभी भी शांत नहीं हो सकता है. लगातार दुनिया भर की चिंताओं की वजह से हम खुद के साथ बहुत सख्त हो जाते हैं. ऊपर जितने भी तरीके बताए गए हैं उनको फॉलो करके आप खुद की तरफ शारीरिक और मानसिक दोनों तौर पर थोड़े दयालु और उदार होंगे. खुद को कभी स्पा के लिए ले जाएं, अच्छी जगह खाने जाएं, कहीं बाहर नहीं जाना तो घर पर ही सेल्फ केयर रूटीन फॉलो कर लें. ये छोटी छोटी चीजें आपको अंदर से खुशी देंगी जब तक हम खुद से प्यार नहीं करेंगे तब तक कोई हमसे प्यार नहीं करेगा
सकारात्मक विचार रखे :
जब आप नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों से बदल देंगे तो आपको अच्छे नतीजे मिलना शुरू हो जायेंगे। एक पुराना कहावत है जैसा आप सोचेंगे वैसा आप बन जायेंगे, इसका मतलब अगर आप सकारत्मक विचार रखते है तो आप सकारत्मक बनेगे लेकिन अगर आप नकारात्मक विचार रखेंगे तो वैसा ही बन जायेंगे।

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