नींद में अचानक हम और चौक कर उठ जाते हैं और पूरा दिन उसी बारे सोचते है कभी कोई ऐसा दृश्य कोई वस्तु देखते है जिसका वास्तविक जीवन से कोई लेना देना नही होता पर फिर वह अंतर्मन एक गहरी छाप छोड़ देती हैं कई लोग इसे सपना कहते है तो कई लोग वर्तमान में घटी कोई घटना का नाम देते है पर हमेशा ऐसा नहीं होता है हमेशा यह सपना या वर्तमान जीवन से संबधित हो जरूरी नहीं यह कुछ ऐसे संकेत देते है जिसका संबंध भविष्य में होने वाली घटना से या पिछले जन्म से संबधित होती हैं कभी कभी इसे देवीय शक्ति का संकेत कह सकते है जो हमारे अवचेतन मन के जरिए हमे किसी प्रकार का संदेश देने की कोशिश कर रहा है। शरीर मरती है आत्मा नहीं । भले ही हमारे हमारे चेतन मन को कुछ नही पता होता पर अवचेत मन को भूत भविष्य वर्तमान का ज्ञान भली भांति होता है । यही अवचेतन मन कभी कभी हमे निद्रावस्था में होने वाली कुछ घटनाओ के संकेत देने की कोशिश करता है क्योंकि निद्रावस्थ में शरीर एक तरह ध्यान की अवस्था में होता है उस वक्त मनुष्य का मन मस्तिक चेतन मन के कंट्रोल मे नहीं होता वह अवचेतन मन के इर्द गिर्द विचरण करता है ऐसी अवस्था में हम वही देखते हैं जो हमे अवचेतन मन दिखाना चाहता है ऐसे में हमारा अवचेतन मन हजारों दृश्य दिखाता है कुछ को हम सपना समझ भूल जाते है और कुछ दृश्य ऐसे भी होते जिसे जिसे हम भूल तो जाते है पर अवचेतन मन छपी हुई होती है । कभी कभी ऐसा नहीं होता की आपने अपने वर्तमान में चेतन अवस्था में सामने कोई घटना दृश्य या फिर कुछ अनुभव किया और तभी आपके दिमाग में एक खयाल आता है मैने तो ऐसा पहले भी देखा है या अनुभव किया है पर आपको याद नहीं आता की कब कहा और कैसे।तो इसका जवाब आपको आपका अवचेतन मन दे सकता है क्योंकि कभी कभी हम सामने चेतन अवस्था में वही घटनाएं या अनुभव करते हैं जो हमने पहले भी अवचेतन मन में देख रखा होता है इस लिए याद नहीं आता हमे क्योंकि वह हमारे अवचेतन मन में होता है और वर्तमान में अनुभव करने पर ऐसा लगता है पहले भी हुआ है ऐसा, कभी कभी हमारा अवचेतन कुछ ऐसे दृश्य भी दिखाता है जो हमारे पूर्व जन्म से संबंधित होते हैं और हमारे वास्तविक जीवन में उनका कोई लेना देना नहीं होता और कभी-कभी ऐसी आवाजें भी सुनाई देती हैं जो किसी प्रकार का संकेत देती है यह सब खेल हमारे अवचेतन मन का है। अगर कोई उच्च कोटि का साधक है तो वह ईश्वर से ध्यान अवस्था में अपने अवचेतन मन के द्वारा ही कनेक्ट होता है उसे वह दैवीय शक्तियों सारे संकेत अवचेतन मन द्वारा ही मिलते हैं । हमें अपने अवचेतन मन द्वारा विभिन्न प्रकार की संकेत मिलते हैं कभी-कभी हम वह संकेत समझ लेते हैं और कभी कभी नहीं समझ पाते । पर यह संकेत कुछ भी हो सकते हैं जैसे हमने कोई मन्नत मांगी और भूल गए जैसे किसी मृत व्यक्ति का बार बार दिखाना शायद आत्मा की शांति में की गई लापरवाही हमे तो ज्ञात नहीं होता पर यह बात हमारे अवचेतन मन को पता है और वह हमें निंद्रा अवस्था में भिन्न-भिन्न तरीकों से संकेत देने की कोशिश करता है
क्या अवचेतन मन भी देता है संकेत?संपूर्ण ज्ञान अवचेतन मन में,अवचेतन मन की शक्ति ! (subconscious mind)
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